दुनिया से !!

अभी हमने कुछ सीखा नहीं है, दुनिया से,
वरना,,,,,,,,,, हम भी मतलबी हो गए होते।

जो आज,,, हमारे लिए,,, हमारे अपने हैं,
वो भी कब के,,,,,,, अजनबी हो गए होते।

©jabarjastshayar

Advertisements

हार !!

हारकर भी हारना नहीं है मुझे।
खुद को यूँ मारना नहीं है मुझे।

©jabarjastshayar

इंसान !!

रहने दो जिंदा सबको अब यहाँ,
ये सब बस,,,,, इंसान ही तो हैं।

आज हैं,,,,,,, कल चले जाएँगे,
चंद दिनों के मेहमान ही तो हैं।

©jabarjastshayar

लोग !!

अपने सपनों के लिए,,,,,,,,,
दूसरों को कुचल देते हैं लोग।

फिर उन्हें मुश्किल में छोड़,
यूँ ही, आगे चल देते हैं लोग।

©jabarjastshayar

जुगनू !!

रात के अँधेरे में जुगनू आते ही नहीं अब !
लगता है रातें पहले जैसी नहीं रहीं अब !

उजाले की तलाश जारी है अब तलक !
देखते हैं हमको मिलेगा नहीं कब तलक !

हार से हताश, हौसले भी खत्म से मेरे !
जुगनू मिला नहीं, कैसे भरेंगे जख़्म से मेरे !

सोचते हैं चिंगारी ही मिल जाए अब कहीं !
आग ही जला लेंगे, जुगनू की जरूरत नहीं !

©jabarjastshayar